छत्तीसगढ़

प्रधानमंत्री आवास से आंखो में लौटी उम्मीद और विश्वास की चमक

Shantanu Roy
11 Feb 2026 9:11 PM IST
प्रधानमंत्री आवास से आंखो में लौटी उम्मीद और विश्वास की चमक
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छग
Durg. दुर्ग। विकासखंड धमधा के बिरझापुर गांव में रहने वाले राजकुमार का जीवन कभी सीमित साधनों और असुरक्षा की चिंता में बीतता था। मिट्टी की दीवारों और खपरैल की छत वाले छोटे-से घर में हर बरसात और तेज मौसम के समय परिवार की सुरक्षा को लेकर डर बना रहता था। घर की दीवारों में दरारें, छत से टपकता पानी और कमजोर संरचना राजकुमार के लिए चिंता का कारण बनती थी। मेहनत-मजदूरी से परिवार का पालन-पोषण करने वाले राजकुमार के सपने बड़े थे, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते सुरक्षित पक्का घर उसके लिए केवल एक सपना ही बना हुआ था।
एक दिन गांव में आयोजित बैठक के दौरान राजकुमार को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पक्का घर बनाने का अवसर मिला। जब पता चला कि उसका नाम इस योजना में चयनित हो गया है, तो उसकी आँखों में आशा और उत्साह की चमक लौट आई। यह उसके जीवन का सबसे खुशी भरा दिन था। राजकुमार ने शासन से प्राप्त सहायता राशि और ग्राम पंचायत के मार्गदर्शन से अपने घर का निर्माण शुरू किया। पहले चरण में घर की नींव पड़ी, दूसरे चरण में दीवारें खड़ी हुईं और तीसरे चरण में उसका सपना आकार लेने लगा। परिवार ने भी पूरे उत्साह और सहयोग के साथ निर्माण कार्य में मदद की। महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत प्राप्त 90 दिन की मजदूरी राशि 21,870 रूपए भी घर के निर्माण में उपयोग की गई।
साथ ही उज्ज्वला योजना से रसोई में गैस कनेक्शन, विद्युत कनेक्शन से घर में बिजली और नल-जल योजना से स्वच्छ पेयजल की सुविधा भी मिली। धीरे-धीरे कच्चा घर पक्के मकान में बदल गया। अब यह केवल चार दीवारें नहीं थीं, बल्कि परिवार के सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य का प्रतीक बन गया। आज राजकुमार का परिवार बरसात, ठंड या गर्मी की किसी भी कठिनाई से मुक्त है। बच्चे सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में पढ़ाई कर रहे हैं, और परिवार सुकून की नींद सोता है। समाज में परिवार का सम्मान बढ़ा है और राजकुमार का आत्मविश्वास भी।
मुस्कराते हुए राजकुमार कहते हैं, “अब जब लोग मेरे घर आते हैं, तो गर्व से कहता हूँ कि यह मेरा अपना पक्का घर है। यह सिर्फ मकान नहीं, मेरे परिवार का सुरक्षित भविष्य है।” उन्होंने प्रधानमंत्री जी और राज्य शासन का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनके सपने को हकीकत में बदलने में मदद की। यह कहानी न केवल राजकुमार के लिए, बल्कि पूरे गांव और जिले के लिए प्रेरणा का स्रोत है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकता है। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, नल-जल योजना और महात्मा गांधी नरेगा जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से गरीबों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देने का प्रयास लगातार जारी है।
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